पीएम मोदी ने कहा, भारत के पड़ोस में पल रहा आतंकवाद

पीएम मोदी ने कहा, भारत के पड़ोस में पल रहा आतंकवाद

PUBLISHED : Jun 09 , 6:42 AMBookmark and Share



   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को वाशिंगटन यात्रा के आखिरी दिन अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र के संबोधन में आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोस में ही आतंकवाद को पाला-पोसा जा रहा है और भारत अमेरिका मिलकर इस प्रहार करें।

उन्होंने कहा कि दक्षिण एशिया के साथ पूरे विश्व में आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा है। इनके नाम लश्कर ए तैयबा, तालिबान आईएस हो सकते हैं, लेकिन घृणा, हत्या और हिंसा उनकी समान सोच है। आतंकवाद को न केवल भारत के पड़ोस में संरक्षण और समर्थन मिल रहा है बल्कि यह पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रहा है। लिहाजा आतंकवाद का पाठ पढ़ाने वालों को सबक सिखाना पड़ेगा।

उन्होंने आगाह किया कि आतंकवाद से सिर्फ सैन्य खुफिया-कूटनीति के पारंपरिक तरीकों से नहीं निपटा जा सकता। इसलिए आतंकियों को पनाह और समर्थन देने वालों को अलग-थलग करना जरूरी है। अच्छे और बुरे आतंकवाद में भेद की बजाय धर्म को आतंकवाद से दूर करने की जरूरत है, इसके लिए मानवता पर विश्वास करने वालों को एक आवाज में बात करनी होगी।

गांधी, अंबेडकर और विवेकानंद का उल्लेख
मोदी ने भारत और अमेरिका के महापुरुषों और उनके विचारों के एक-दूसरे पर प्रभावों का भी उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि थोरोस के सविनय अवज्ञा आंदोलन ने भारत के राजनीतिक विचारों को प्रभावित किया। इसी तरह स्वामी विवेकानंद के शिकागो में मानवता के संदेश का अमेरिका पर गहरा असर डाला। महात्मा गांधी के अहिंसा के विचार ने मार्टिन लूथर किंग को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन में मार्टिन लूथर किंग और गांधी की निकट में बनी प्रतिमाएं हमारे अहिंसा, समानता, स्वतंत्रता के हमारे साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई ने डा. भीम राव अंबेडकर के मूल्यों को मजबूत किया। अमेरिका संविधान की समझ का इस्तेमाल अंबेडकर ने भारत के संविधान के निर्माण में किया।

वाजपेयी को याद किया
प्रधानमंत्री ने कहा कि 15 साल पहले अमेरिकी संसद के संबोधन में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं। हमने अतीत की यादों से आगे बढ़कर इसे हकीकत में तब्दील किया है।

अमेरिकी संसद को समर्थन पर धन्यवाद दिया
मोदी ने कहा कि 2008 में जब संसद ने भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते को मंजूरी दी थी, तब हमारे रिश्ते को नई बुनियाद मिली थी। अमेरिकी संसद ने नवंबर 2008 में सीमापार से भारत पर हुए हमले के दौरान जो एकजुटता दिखाई थी, हम उसके लिए भी आभारी हैं।

लाइफ स्टाइल

Covid-19 से बचना है तो धूम्रपान से करें तौबा वरना ...

PUBLISHED : Apr 20 , 10:50 PM

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ की कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ़ सूर्यकान्त ने कहा है कि कोरोनावाय...

View all

साइंस

कोरोना वायरस: Lockdown के कारण लोग घरों में बैठे ह...

PUBLISHED : Apr 20 , 10:54 PM

नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण दुनिया भर में लोग लॉकडाउन के कारण अपने घरों में बैठे हैं. इससे वायु प्रदू...

View all

वीडियो

View all

बॉलीवुड

Prev Next