भोपाल की शान, मान और पहचान है मिंटो हॉल- मुख्यमंत्री श्री चौहान

भोपाल की शान, मान और पहचान है मिंटो हॉल- मुख्यमंत्री श्री चौहान

PUBLISHED : Jun 16 , 9:11 AMBookmark and Share


अगले साल तक बन जायेगा कन्वेंशन सेंटर
ऐतिहासिक मिंटो हॉल का नया स्वरूप देखकर गर्व होगा

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश पर्यटन की संभावनाओं का प्रदेश है। पर्यटन विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के प्रयास किये जायेंगे। पिछले साल 7 करोड़ पर्यटक मध्यप्रदेश आये। पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। उज्जैन में हुए सिंहस्थ महाकुंभ में आठ करोड़ श्रद्धालु मात्र एक महीने में आये।

श्री चौहान ने आज यहाँ भोपाल के सौ साल से पुराने ऐतिहासिक भवन मिंटो हॉल के कन्वेंशन सेंटर के रूप में जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक इमारत को नये स्वरूप में देखने का अनूठा अनुभव होगा। मिंटो हॉल का निर्माण सुल्तान जहां बेगम ने 1909 में करवाया था और यह 1936 में बनकर तैयार हुआ। इसके जीर्णोद्धार का काम 32 करोड़ की लागत से पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जा रहा है। यह अगले साल तक पूरा हो जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि मिंटो हॉल में लगने वाली विधानसभा मध्यप्रदेश के नवनिर्माण की साक्षी रही है। उन्होंने कहा कि भोपाल हरा-भरा खूबसूरत शहर है। इसकी सुन्दरता और ऐतिहासिक स्वरूप को हर हाल में सुरक्षित रखा जायेगा। इसे केवल सीमेंट का जंगल नहीं बनने देंगे। श्री चौहान ने कहा मिंटो हॉल भोपाल की शान, मान और सम्मान है। यह शहर की पहचान है। इसके नये स्वरूप पर भोपाल के नागरिकों को गर्व होगा। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र की नई स्वदेश दर्शन योजना, मिडवे ट्रीट का जाल बिछाने जैसी परियोजनाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि बड़वानी से गुजरात को जलमार्ग से जोड़ते हुए एक क्रूज चलाने पर भी विचार किया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा ने कहा कि मिंटो हॉल में विधानसभा लगती थी। इसके कारण मिंटो हॉल की पहचान नये मध्यप्रदेश में प्रजातंत्र की नींव रखने वाले भवन के रूप में होती है।

पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा ने बताया कि मिंटो हॉल के ऐतिहासिक स्वरूप की सुंदरता बनाये रखते हुये इसे कन्वेंशन सेंटर के रूप में बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन का क्षेत्र लगातार विस्तार ले रहा है। पहले पर्यटन का बजट मात्र 25 करोड़ का होता था आज 250 करोड़ है। एक दशक पहले सालाना सिर्फ 60-70 लाख पर्यटन आते थे आज सात करोड़ पर्यटक आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 300 मार्ग सुविधा केन्द्र बनाये जायेंगे। फिलहाल 36 बनकर तैयार हो रहे हैं। स्वदेश दर्शन योजना के लिये केन्द्र सरकार ने 95 करोड़ की राशि उपलब्ध करवायी है। इसी प्रकार साँची बुद्धिस्ट सर्किट के लिये भी केन्द्र से 75 करोड़ मिले हैं।

इसके पहले मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिंटो हॉल के जीर्णोद्धार एवं कंवेन्शन सेंटर के शिलालेख का अनावरण किया। उन्होंने मिंटो हॉल की स्मृति से जुड़ी दुर्लभ फोटोग्राफ प्रदर्शनी और मिंटो हॉल का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा तैयार 'भोपाल की विरासत' फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस फिल्म में भोपाल की ऐतिहासिक इमारतों की सुंदरता को दर्शाया गया है। पर्यटन विकास निगम द्वारा सिंहस्थ महाकुंभ पर केन्द्रित फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में विकसित किये गये बेयरफुट परसुली प्राकृतिक पर्यटन स्थल के ब्रोशर का लोकार्पण किया। उन्होंने 'फोर्टस ऑफ एमपी'' पुस्तक का विमोचन किया। होम-स्टे योजना के अंतर्गत स्टेजिला के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। श्री चौहान ने एमपीटी की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया। उन्होंने ‘हुनर से रोजगार’ कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं चेक भेंट किये। श्री चौहान ने एमपीटी के नये टी.व्ही. एड. कैम्पेन का शुभारभ किया। प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम श्री हरिरंजन राव ने अतिथियों का स्वागत किया। पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने स्वागत भाषण दिया। अपर प्रबंध संचालक सुश्री तन्वी सुन्द्रियाल ने आभार व्यक्त किया।

पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, भोपाल के प्रभारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, खाद्य मंत्री कुँवर विजय शाह, सांसद श्री आलोक संजर, महापौर भोपाल श्री आलोक शर्मा, भोपाल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओम यादव, विधायकगण श्री विश्वास सारंग, श्री सुरेन्द्रनाथ सिंह, श्री विष्णु खत्री, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा और भोपाल के गणमान्य नागरिक एवं प्रबुद्धजन उपस्थित थे।

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