संविधान के अनुरूप विकास के लिये सभी संसाधनों को गाँव की ओर मोड़ना होगा : प्रधानमंत्री श्री मोदी

संविधान के अनुरूप विकास के लिये सभी संसाधनों को गाँव की ओर मोड़ना होगा : प्रधानमंत्री श्री मोदी

PUBLISHED : Apr 15 , 9:04 AMBookmark and Share


बाबा साहेब डॉ.अम्बेडकर की 125 वीं जयंती पर "ग्रामोदय से भारत उदय" अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बाबा साहेब की स्मृति में पंच-तीर्थ विकसित करने के लिये प्रधानमंत्री का माना आभार
 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा देश को सुदृढ़ बनाने के लिये संविधान में की गई अपेक्षाओं और महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज को साकार करने का काम अधूरा है। इसे पूरा करने के लिये विकास के सभी स्रोतों और संसाधनों को गाँव की ओर मोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकास के लिये टुकड़ों में काम करने से बात नहीं बनेगी।

श्री मोदी आज डॉ. अम्बेडकर की जन्म-भूमि महू (अम्बेडकर नगर) में विशाल जन सभा को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब की 125वीं जयंती पर 'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान का भी शुभारंभ किया।

किसानों की आय दोगुनी करने के रोडमेप के लिये मुख्यमंत्री को दी बधाई

श्री मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने के संदर्भ में कहा कि किसान कुछ नहीं माँगता। अगर उसे पानी मिल जाये, तो मिट्टी से सोना बना सकता है। यदि दूसरों का पेट भर जाये तो किसान को सबसे बड़ा संतोष होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया गया है। यह कठिन काम है, लेकिन पूरा करना है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को किसानों की आय दोगुनी करने का रोडमेप बनाने के लिये बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अन्य राज्यों से भी अपेक्षा की कि वे भी अपने संसाधनों के अनुरूप कार्य-योजना बनायें। जब तक गाँव की खरीद करने की क्षमता नहीं बढ़ेगी तब तक शहरी अर्थ-व्यवस्था भी नहीं बढ़ेगी।

श्री मोदी ने कहा कि मैं बाबा साहेब की स्मृति को नमन करने आया हूँ। पहले भी आया था, लेकिन तब से अब में जमीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने मध्यप्रदेश की श्री शिवराज सिंह चौहान सरकार को बाबा साहेब के जन्म-स्थान का भव्य और गरिमापूर्ण विकास करने के लिये बधाई दी।

श्री मोदी ने कहा कि आजादी के साठ साल बाद भी ग्रामीण भारत में जो परिवर्तन आना चाहिये था वह नहीं आया। अभी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के लिये केवल कुछ शहरों और कुछ उद्योगों के विकास से काम नहीं चलेगा। गाँव के निरंतर और स्थाई विकास के लिये गाँव को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस साल के केन्द्रीय बजट में गाँव और खेती के विकास पर पूरा जोर दिया गया है। किसानों में नया जोश और ऊर्जा भरने पर ध्यान दिया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि बाबा साहेब एक व्यक्ति नहीं बल्कि संकल्‍प का दूसरा नाम थे। वे सिर्फ जीवन नहीं जीते थे, वे संघर्ष में उसे जोत देते थे। उन्होंने समाज के वंचित वर्ग को मान-सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन दिया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के पास इतना ज्ञान और शिक्षा थी कि वे अपने अच्छे जीवन के लिये कुछ भी कर सकते थे, लेकिन उन्होंने सब कुछ छोड़कर कमजोर वर्ग को नया जीवन देने के लिये अपना जीवन खपा दिया।

श्री मोदी ने कहा कि उनके प्रधानमंत्री बनने का श्रेय बाबा साहेब को जाता है। बाबा साहेब पर राजनीति करने वालों ने समाज को बाँटने के सिवाय कुछ नहीं किया। बाबा साहेब ने हर पल संघर्ष किया। अपमान का जहर पिया और उसे पचा लिया। उनके द्वारा बनाये गये संविधान से उनकी महानता स्पष्ट होती है। इसीलिये उनके चरणों में बैठकर अच्छे काम करने का इरादा रखते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी गाँव में विद्युत सुविधा 1000 से भी कम दिन में पहुँचा दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्ष होने आ रहे हैं। ऐसे में एक भी गाँव विद्युतविहीन रहे, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र की वर्तमान सरकार जनता को हिसाब देने वाली सरकार है। जनता के सपनों और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिये तेज गति से काम करने वाली सरकार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने कहा था शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। आर्थिक समृद्धि, सामाजिक अधिकार सम्पन्नता और प्रौद्योगिकी से समृद्धि पर उनका विश्वास था। उनके इसी सपने को नये युग में साकार करने का प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम गाँव की ओर चलें। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से प्रत्येक गाँव को हर साल 75 लाख रुपये विकास कार्यों के लिये मिलते हैं। गाँव का कायापलट करने के लिये यह काफी है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत में विकास की चेतना जगाये रखना और उन्हें सशक्त बनाना जरूरी है। बाबा साहेब की प्रेरणा से यह कार्य संभव है।

प्रधानमंत्री ने 'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि जो लोग गरीबों के मसीहा कहलाते थे उन्होंने ऐसा काम क्यों नहीं किया। वंचित वर्गों के कल्याण का काम निरंतर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि 90 लाख परिवार ने गरीब परिवारों के हित में गैस सब्सिडी त्याग दी है। एक साल में देश के इतिहास में सर्वाधिक एक करोड़ परिवार को गैस कनेक्शन दिये गये। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले तीन साल में 5 करोड़ परिवार को और गैस कनेक्शन दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार चिट फंड जैसी कम्पनियों के पास जाने पर मजबूर होते हैं। प्रधानमंत्री जन-धन योजना से अब सभी गरीब परिवार वित्तीय समावेशन की राष्ट्रीय धारा से जुड़ गये हैं। उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल गयी है। गरीबों को साथ लेकर ही भारत विकास कर सकता है।

श्री मोदी ने कहा कि भारत को तेज गति से विकास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की स्मृति से जुड़े पाँच स्थल को पंच तीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। यह श्रद्धा और विश्वास का विषय है। बाबा साहेब ने सामाजिक एकता, न्याय, समरसता और उच्च मूल्य सिखाये हैं। बाबा साहेब के चरणों में बैठकर अच्छे कार्य करने पर गर्व है। उन्होंने बाबा साहेब के अलीपुर बंगले को स्मारक बनाने का संदर्भ देते हुए कहा कि जिन लोगों ने ऐसा नहीं किया, उन्हें परेशान होने की बजाय पश्चाताप करना चाहिए।

श्री मोदी ने गाँववासियों से अपील की कि वे परिवर्तन में भागीदार बनें और सरकार की योजनाओं का पूरा उपयोग करें। श्री मोदी ने 'जय भीम' के उदघोष के साथ अपने भाषण का समापन किया। अम्बेडकर मेमोरियल सोसायटी इंदौर के अध्यक्ष भन्ते संघशील ने प्रधानमंत्री को धम्म पद पुस्तक भेंट की। श्री मोदी ने इंदौर जिले को खुले में शौच जाने से पूरी तरह मुक्त होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिला अब इस दिशा में प्रयास करेगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्री मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो बाबा साहेब के स्मारक पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने आये हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के नागरिकों को गर्व है कि बाबा साहेब ने इस भूमि पर जन्म लिया। श्री चौहान ने बाबा साहेब से जुड़े पाँच स्थान को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिये प्रधानमंत्री श्री मोदी का प्रदेश की लोगों की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें यह नहीं कर पायीं। उन्होंने कहा कि महू में पहले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। तत्कालीन राज्य सरकार ने 1991 में स्मारक बनाने का काम शुरू किया था। आज यह काम पूरा हो गया है।

अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के लिये लागू की गई कल्याणकारी और नवाचारी योजनाओं की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब आवासहीन परिवारों को आवास की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का सपना था कि समाज शिक्षित बने। इसी पर आगे बढ़ते हुए प्रदेश में शैक्षणिक सुविधाओं को बढ़ाया गया है। फलस्वरूप पिछले साल अनुसूचित जाति और जनजाति के 117 विद्यार्थी को आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला मिला। इन विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस भी सरकार दे रही है। इसी प्रकार इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की फीस भी सरकार भरेगी। उच्च अध्ययन के लिये विदेश जाने वाले बच्चों को भी राज्य सरकार भरपूर सहायता देगी।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मुख्यमंत्री को 'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान का ध्वज भेंट कर अभियान का शुभारंभ किया। यह ध्वज सभी ग्राम पंचायतों में जायेगा।

अब 14 अप्रैल को समरसता और 26 नवंबर को संविधान दिवस - मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत

केन्द्रीय सामाजिक न्याय मंत्री श्री थावरचंद गेहलोत ने कहा कि आज विश्व के 190 देश बाबा साहेब की जयंती मना रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ भी उनकी जयंती मना रहा है। उन्होंने कहा कि समन्वयवादी सोच विश्व-शांति के लिये आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को समरसता दिवस और 26 नवम्बर को संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया गया है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने राज्य सरकार की नवाचारी मुख्यमंत्री युवा स्व-रोजगार योजना, युवा उद्यमी योजना एवं अन्य योजनाओं के चयनित हितग्राहियों को निर्धारित राशि के चेक भेंट किये। प्रधानमंत्री ने 'अनुसूचित जाति विकास के दस साल बेमिसाल' शीर्षक पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने 'ग्रामोदय से भारत उदय' अभियान के गीत की सीडी भी प्रधानमंत्री को भेंट की।

इस अवसर पर लाखों की संख्या में बाबा साहेब के अनुयायी उपस्थित थे। सामाजिक न्याय मंत्री श्री गोपाल भार्गव, सांसद भाजपा अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री श्री लालसिंह आर्य, सांसद धार श्रीमती सावित्री ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय, ऑल इंडिया भिक्खु संघ के संघनायक डॉ. भंदत धम्म धिरियो उपस्थित थे। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री ज्ञान सिंह ने आभार व्यक्त किया।

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