मोदी सरकार 2.0 : साहसिक फैसलों के नाम रहे सौ दिन, जानें पूरा लेखा-जोखा

मोदी सरकार 2.0 : साहसिक फैसलों के नाम रहे सौ दिन, जानें पूरा लेखा-जोखा

PUBLISHED : Sep 06 , 7:14 AMBookmark and Share

मोदी सरकार 2.0 : साहसिक फैसलों के नाम रहे सौ दिन, जानें पूरा लेखा-जोखा

मोदी सरकार की दूसरी पारी के सौ दिन आज पूरे हो रहे हैं। सौ दिन का यह सफर अनुच्छेद-370, तीन तलाक, नए मोटर वाहन कानून जैसे ऐतिहासिक-साहसिक फैसलों के नाम रहा। हालांकि, आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलें बनी हुई हैं। इन्हीं उपलब्धियों और चुनौतियों पर रामनारायण श्रीवास्तव की रिपोर्ट...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के पहले सौ दिन ऐसे समय में पूरे हो रहे हैं जब चंद्रयान-2 के चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का तमगा भी संभवत: उसकी चमक बढ़ाने के लिए तैयार रहेगा। 30 मई 2019 को शपथ ग्रहण के साथ शुरू हुए कार्यकाल में सरकार ने संसद में कामकाज का रिकॉर्ड बनाया। जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 और 35ए को निष्प्रभावी करने के अलावा मुस्लिम महिलाओं के लिए तीन तलाक की कुप्रथा समाप्त करने का कानून भी बना। इस दौरान सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और श्रम क्षेत्रों में सुधार व प्रगति के लिए कई बड़े कदम भी उठाए।

संसद में सबसे ज्यादा काम

संसद में भी सरकार की ताकत बढ़ी। राज्यसभा में विपक्ष को झटका दे महत्वपूर्ण विधेयकों पर दो-तिहाई बहुमत तक सरकार ने जुटाया। दस सांसदों ने विपक्षी खेमा छोड़ भाजपा का दामन थामा। विपक्ष के विभिन्न दलों का समर्थन भी सरकार ने जुटाया। लोकसभा ने किसी सत्र में कामकाज का रिकॉर्ड बनाया। आरटीआई संशोधन विधेयक सहित 36 विधेयकों को मंजूरी मिली। लंबे समय बाद यह संभव हुआ कि संसद ने बिना किसी दिन को बर्बाद किए देर रात तक काम किया।

पाकिस्तान को हर मोर्चे पर मात

राज्यसभा में बहुमत न होने के बावजूद मोदी सरकार ने जिस तरह से सदन के भीतर दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जुटाकर अनुच्छेद-370 व 35ए को निष्प्रभावी कराया, वह वाकई काबिल-ए-गौर है। पूरी तरह चौकस सरकार ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से लेकर सभी अंरराष्ट्रीय मंचों पर भी मात दी। इस बीच उसने पाक जेल में बंद कुलभूषण जाधव के मामले में भी पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया।

विदेशी मोर्चे पर दिखी ताकत

प्रधानमंत्री मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में अभी तक रूस, फ्रांस, जापान समेत दस देशों का दौरा कर चुके हैं। दुनिया की महाशक्तियों के प्रमुखों समेत अपने पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात में द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम देने के साथ ही वह भारत की नीतियों को प्रमुखता से बताने में सफल रहे हैं।

जनता के बीच जाएगी सरकार

सरकार अपनी इन उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सात सितंबर से देश भर में प्रेस कांफ्रेंस की जाएगी। मंत्री अखबारों में लेख लिखकर केंद्र सरकार और अपने मंत्रालयों की उपलब्धियां बताएंगे। एक तरफ जहां देश चंद्रयान-2 की सफलता का जश्न मना रहा होगा, तब सरकार अपनी उपलब्धियां भी सामने रख रही होगी।

मंदी-महंगाई से निपटने की चुनौती

मोदी सरकार के सामने अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर आर्थिक मंदी जैसे हालात से निपटने की चुनौती है। महंगाई को नियंत्रित करना और बाढ़ से हुए नुकसान के बाद पनपे हालात को संभालना भी उसकी प्राथमिकता में होगी। रोजगार के मोर्चे पर बेहतर स्थिति बनाना और आतंकवाद के मामले में सीमापार से बढ़े खतरे से निपटना भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य

सरकार ने शुरुआत से ही देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का बड़ा लक्ष्य तय कर लिया है। वैश्विक मंदी और अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर मुश्किल दौर से गुजर रहे देश को इस मुकाम पर ले जाने के लिए उसने विभिन्न मंत्रालयों के लिए समयावधि लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बैंकों की मजबूती के साथ उद्योग जगत को संभालने के लिए कई रियायतें व बड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। इस दौरान सरकारी क्षेत्र के दस बैंकों का विलीनीकरण कर उन्हें चार बैंकों में बदलने का बड़ा फैसला लिया गया और बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपये भी मुहैया कराए गए।

मोदी सरकार के पांच बड़े कदम

1- अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाना

 6 अगस्त 2019

 - राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करने का प्रस्ताव मंजूर किया

 9 अगस्त 2019

- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन एक्ट को मंजूरी, इससे 31 अक्तूबर 2019 से दो केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर, लद्दाख) में बंट जाएगा राज्य

एक देश, एक विधान लागू

- विशेष दर्जे के तहत जम्मू-कश्मीर का अलग संविधान और अलग झंडा था, रक्षा, संचार व विदेश मामले छोड़ कोई कानून लागू कराने में केंद्र को राज्य से अनुमोदन कराना पड़ता था
अलग संविधान की कहानी

- बंटवारे के समय अलग राज्य के पक्षधर रहे जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने कबाइली हमले के बाद अक्तूबर 1947 में विलय पत्र पर दस्तखत किए

- अगस्त 1953 में विलय को राज्य सरकार की मंजूरी, जनवरी 1957 से अलग संविधान लागू

2- ‘तीन तलाक’ कानूनन जुर्म हुआ

26 जुलाई  2019

- संसद ने ‘मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019’ पारित किया, एक अगस्त से कानूनन जुर्म बन गई यह कुप्रथा

- तीन बार ‘तलाक’ बोलकर, लिखकर या एसएमएम-ईमेल भेजकर शादी तोड़ने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान, शायरा बानो व अन्य महिलाओं के मामले में सुनवाई के बाद अगस्त 2017 में सर्वोच्च अदालत ने केंद्र को इस पर पाबंदी लगाने का निर्देश दिया था।

शाह बानो ने भी उठाई थी आवाज

- इंदौर की 62 वर्षीय शाह बानो को 1976 में 14 साल की शादी के बाद उनके शौहर ने पांच बच्चों सहित घर से बाहर निकाल दिया

- अप्रैल 1978 में वादे के मुताबिक 200 रुपये प्रति माह का गुजारा भत्ता देने से इनकार करने पर शाह बानो अदालत पहुंचीं, 1985 में कोर्ट ने शाह बानो को गुजारे भत्ते का हकदार बताया

- 1986 में तत्कालीन केंद्र सरकार ने फैसला पलटा, इसके बाद उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि शौहर को इद्दत की मुद्दत (तलाक के 90 दिन के भीतर) में वाजिब रकम देनी होगी

3- दस सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा

30 अगस्त 2019

- मोदी सरकार ने दस सरकारी बैंकों के विलय से चार बड़े बैंक बनाने का ऐलान किया

- 2017 में 27 सरकारी बैंक थे, अब यह संख्या घटकर 12 रह जाएगी, छह माह में पूरी होगी विलय की प्रक्रिया

किसका किसमें विलय

- ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का पंजाब नेशनल बैंक में विलय होगा

- सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक और इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिलाया जाएगा

- आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से जोड़ने की घोषणा हुई

- 2017 में मोदी सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक में उसके पांच अनुषांगी बैंकों और महिला बैंक का विलय किया था

आर्थिक सुधार की दिशा में बड़ी पहल

- 55250 करोड़ रुपये पूंजी आधार को मजबूत करने के लिए दिए जाएंगे, पांच लाख करोड़ का कर्ज बांटने में सक्षम हो जाएंगे सरकारी बैंक इस कदम से

4- नया मोटर वाहन अधिनियम लागू

5 अगस्त 2019

- संसद के दोनों सदनों की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नए मोटर वाहन अधिनियम पर दस्तखत किए

1 सितंबर 2019

- नया कानून प्रभावी, यातायात नियम तोड़ने पर जुर्माना राशि बढ़ी, सजा अवधि में भी वृद्धि

दस गुना तक बढ़ी जुर्माने की राशि

- बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर 500 रुपये के बजाय पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान

-  तेज रफ्तार की सूरत में छोटे वाहनों पर एक से दो हजार, बड़े वाहनों पर चार हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा

- शराब पीकर गाड़ी चलाने संबंधी पहले अपराध के लिए छह माह जेल और/या दस हजार रुपये जुर्माने की सजा मिलेगी

- दूसरी बार अपराध करने पर दो साल जेल और 15 हजार अर्थदंड की सजा की व्यवस्था

- बिना लाइसेंस वाले वाहनों के अनाधिकृत उपयोग के लिए जुर्माने की राशि एक हजार से बढ़कर पांच हजार रुपये हुई

5- आतंक पर वार को यूएपीए एक्ट में संशोधन

24 जुलाई 2019

- लोकसभा और दो अगस्त को राज्यसभा में पारित हुआ यूएपीए यानी गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम (संशोधन) विधेयक-2019

8 अगस्त 2019

- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लगाई मुहर, 14 अगस्त से लागू हुआ नया कानून, केंद्र ने आतंक के खिलाफ जंग में बड़ा कदम बताया
व्यक्ति विशेष आतंकी घोषित हो सकेगा

- नया यूएपीए कानून आतंकी गतिविधियों में लिप्त या उसे प्रोत्साहित करते मिले किसी व्यक्ति को आतंकी घोषित करने का अधिकार देता है

- पहले सिर्फ संगठनों को आतंकी घोषित करना संभव था, एनआईए महानिदेशक उसकी संपत्ति जब्त कर सकता है, यात्रा पर भी रोक लगेगी

हाफिज सईद और दाऊद आतंकी घोषित

- चार सितंबर 2019 को नए यूएपीए कानून के तहत मोदी सरकार ने की पहली कार्रवाई

- मोस्ट वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम के अलावा हाफिज सईद, मौलाना मसूद अजहर और जकीउर रहमान लखवी को आतंकी घोषित किया गया

ये भी रहा खास

पहला विदेश दौरा

मोदी पड़ोसी देशों को तरजीह देने का संदेश देने के इरादे से सात जून को बतौर प्रधानमंत्री अपने दूसरे कार्यकाल में पहले विदेश दौरे पर मालदीव पहुंचे। आठ जून को ईस्टर हमले के बाद आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दर्शाने के लिए श्रीलंका गए। हिंद महासागर क्षेत्र में सामरिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

पहला कैबिनेट फैसला

31 मई को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय रक्षा निधि के तहत चल रही प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना में बदलाव की घोषणा। आतंकी-नक्सली हमले में शहीद जवानों के बेटों के लिए छात्रवृत्ति की राशि दो से बढ़ाकर ढाई हजार रुपये प्रति माह की। बेटियों के लिए यह रकम तीन हजार रुपये हुई।

पहली कूटनीतिक जीत

जून में एससीओ सम्मेलन में पाक प्रधानमंत्री इमरान खान को नजरअंदाज कर दर्शाया कि आतंक पर ठोस कार्रवाई के बिना वार्ता संभव नहीं। अगस्त में जी-7 सम्मेलन में कश्मीर मसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछालने की पाक की कोशिश नाकाम की। कश्मीर को आंतरिक मामला बता साफ किया तीसरे पक्ष के दखल की गुंजाइश नहीं।

पहला बड़ा सम्मान

24 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात ने मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से नवाजा। 25 अगस्त को मोदी बहरीन के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ से सम्मानित किए गए। जानकारों ने इसे मुस्लिम देशों के समर्थन के तौर पर भी देखा।

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