वन्य-जीव की आवश्यकताओं और आमजन की अपेक्षाओं में संतुलन जरूरी

वन्य-जीव की आवश्यकताओं और आमजन की अपेक्षाओं में संतुलन जरूरी

PUBLISHED : Apr 19 , 7:57 AMBookmark and Share


पुनर्वासित गाँवों के साथ विभाग का हो सतत् सम्पर्क
मुख्यमंत्री श्री चौहान की अध्यक्षता में राज्य वन्य-प्राणी बोर्ड की बैठक
 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वन क्षेत्र से पुनर्वासित ग्रामों के निवासियों के साथ वन विभाग सतत् संवाद बनाए रखे। इन गाँवों के लिए केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त करने के प्रयास किए जायें। जरूरत पड़ने पर राज्य मद से भी राशि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। श्री चौहान वन्य-प्राणी बोर्ड की 14वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, विधायक श्री मानवेन्द्र सिंह, मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा एवं सदस्य भी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वन्य-जीव की आवश्यकताओं और आमजन की अपेक्षाओं की पूर्ति के प्रयासों में संतुलन आवश्यक है। उन्होंने वन्य-प्राणियों द्वारा बड़े पैमाने पर किसानों की फसलों को क्षतिग्रस्त किये जाने और किसानों की अन्य समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने वन्य-प्राणी को नियंत्रित करने के लिए बोर्ड के सदस्यों से सुझाव देने को कहा। मुख्यमंत्री ने विभाग को बोर्ड के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत विचारों का परीक्षण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गाँव पुनस्थापन कार्य के लिए वन विभाग की टीम को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पुनस्थापित ग्रामीणों के बीच पहुँच चर्चा की है। विस्थापन कार्य से ग्रामीण प्रसन्न है। वन क्षेत्र में रह रहे निवासियों ने भी उनसे वन क्षेत्र के बाहर बसाये जाने की माँग की है। उन्होंने ट्रांसलोकेट किये गये वन्य-प्राणियों की वंश-वृद्धि के संबंध में जानकारी ली।

बोर्ड के सदस्यों ने बैठक में प्रदेश में वन्य-जीवों के ट्रांसलोकेशन, प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर कान्हा और सतपुड़ा पार्क को पुरस्कृत किये जाने, कॉरीडोर प्रबंधन योजना बनाने के लिए वन विभाग को बधाई दी।

इस अवसर पर बोर्ड द्वारा सर्वसम्मति से रालामंडल अभयारण्य और पन्ना टाईगर रिजर्व के इको सेंसेटिव जोन अंतर्गत निजी भूमि पर पत्थर उत्खनन की अनुमति प्रदान की गई। इसके साथ ही सोन चिरैया अभयारण्य घाटीगाँव के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-3 को चौड़ा करने और ग्वालियर बॉयपास मार्ग निर्माण को अनुमोदित किया गया। नौरादेही अभयारण्य के सीमावर्ती राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-12 को दो से चार लेन करने और हरदुआ खुर्द जलाशय की नहर निर्माण, राष्ट्रीय चम्बल अभयारण्य अंतर्गत मुरैना नगर हेतु जल प्रदाय योजना के इन्टेक वेल एवं भूमिगत पाइपलाइन निर्माण, सिंघोरी अभयारण्य अंतर्गत जल आवर्धन योजना बाड़ी के लिए इन्टेक वेल, वाटर टेंक, भूमिगत पाइपलाइन और विद्युत लाइन बिछाने, सतपुड़ा टाईगर रिजर्व अंतर्गत आमादेही जलाशय की वेस्टवियर मरम्मत, वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य अंतर्गत सड़क किनारे ओ.एफ.सी. केबिल बिछाने और सोन घड़ियाल अभयारण्य में घूंघटा से गुजरेड़, गऊघाट पुल के पास विद्युत लाईन बिछाने के प्रस्तावित कार्यों को अनुमोदित किया गया।

बैठक में बोर्ड सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर, डब्लू.डब्लू.एफ. के डॉ. दीपांकर घोष, डब्लू.टी.आई. के श्री सुरेशचंद्र, वन्य-प्राणी संरक्षण समिति के श्री नितिन देसाई, श्री एम.के. रंजीत सिंह, श्री सुरेन्द्र तिवारी, श्री खगेश्वर नायक, श्री मंदार प्रधान, अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खांडेकर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री नरेन्द्र कुमार और मुख्य वन अभिरक्षक श्री रवि श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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