सरदार जी ने अपनी पगड़ी उतार कर बचायी एक डूबते हुए शख़्स की जान

सरदार जी ने अपनी पगड़ी उतार कर बचायी एक डूबते हुए शख़्स की जान

PUBLISHED : Apr 19 , 2:49 PMBookmark and Share

सिखों के ऊपर किए गए मज़ाक पर आप कई बार हंसे होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कौम से ज़्यादा बहादुर और दूसरों की मदद करने वाली कोई और कौम नहीं है. भारतीय सेना सिखों से भरी हुई है. देश पर मर-मिटना हमेशा से ही इस कौम की पहली चाहत रही है. खुश मिजाज़ी और मस्ती तो जैसे इनकी रगों में दौड़ती है.
 
ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ सरहद के ही ये पहरेदार हैं. सिखों को जब भी मौका मिलता है वो दूसरों की मदद करने से नहीं चूकते. ऐसा ही एक वाकया सामने आया है लुधियाना का. जहां सतीश कुमार अपने परिवार के साथ मोटरसाईल पर जा रहे थे कि अचानक उनकी मोटरसाइकल का पहिया फिसल गया. पूरा परिवार गिर गया और सतीश बाइक के साथ घसीटते हुए पास की नहर में जा गिरा. दुर्भाग्य की बात ये थी कि उन्हें तैरना नही आता था.
अपनी पत्नी के साथ उसी रास्ते से जा रहे सतनाम सिंह ने ये वाकया देखा. लोग सतीश को बचाने के नाकाम कोशिश किए जा रहे थे कि तभी सतनाम ने अपनी पगड़ी उतारी और सतीश की तरफ फेकी. सतीश ने पगडी के एक छोर को पकड़ लिया और उसे बाहर निकाल लिया गया. सतीश मौत के मुंह से बच कर वापिस आया था और उसका ये डर उसके चेहरे से साफ़ झलक रहा  था ।
 
सिखों की पगड़ी उनकी आन होती है. वो हर मज़ाक बर्दाशत कर सकते हैं लेकिन पगड़ी पर किसी का भी चुभता हुआ शब्द नहीं. ऐसे में सतनाम द्वारा अपनी पगड़ी उतार कर एक अंजान की जान बचाना सच में काबिले तारीफ़ है और सतनाम ने इस बात को साबित किया है कि दुनिया में आज भी जान की कीमत हर चीज़ से ज़्यादा है फिर वो सरदार के सिर की पगड़ी ही क्यों न हो.

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