Article 370 हटने के बाद कैलाश खेर ने कश्मीर को लेकर कही ये बात

Article 370 हटने के बाद कैलाश खेर ने कश्मीर को लेकर कही ये बात

PUBLISHED : Aug 13 , 8:50 PMBookmark and Share

Article 370 हटने के बाद कैलाश खेर ने कश्मीर को लेकर कही ये बात
जाने-माने गायक कैलाश खेर ने कहा है कि 70 साल तक हमने दंश झेला है, अब लग रहा है कि वास्तव में आजाद हैं। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद सही मायने में कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक ही राष्ट्र दिख रहा है। उनकी हार्दिक इच्छा है कि सबकुछ ठीक ठाक रहा तो वे अपने संगीत इंस्टीट्यूट कलाधाम की शाखा कश्मीर में भी खोलेंगे। बस शिव की कृपा का इंतजार है।

खेर यहां हर-हर महादेव संघ के कार्यक्रम से पहले संवाददाताओं से होटल रमाडा में बातचीत कर रहे थे। कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले खेर ने कहा कि पहले कश्मीर में दो झंडे लगाते थे, अब एक झंडा दिख रहा। देश चलाने के लिए दो बुद्धीजीवी बैठे हैं, जो पूर्वज नहीं कर सके वे दोनों ने कर दिखाया।

सात पीढ़ी पहले हुए थे विस्थापित
खेर ने कहा कि वे कश्मीरी पंडित है। सात पीढ़ी पहले उनके पूर्वजों ने रातोंरात अपनी जमीन और मकान सब कुछ त्यागकर कश्मीर खाली कर दिल्ली चले आए। जिन्होंने खाली नहीं किया उन्हें धर्म परिवर्तन कर रहना पड़ा। अब कश्मीर में जो हुआ है, वह बहुत ही अच्छा हुआ है। उसे सहेज कर रखने के लिए केंद्र सरकार ने सराहनीय कदम उठाया है। अब लग रहा है कि भारत अखंड हो रहा।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद लिखी कविता सुनाई
कैलाश खेर ने कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद उन्होंने जो महसूस किया उस पर कविता लिखी। उन्होंने पूरी कविता पढ़कर सुनाई। कविता का अंशा है कि सत्तर साल में पहली बारी, डरे हुए हैं अत्याचारी, कांप रहे है दुष्ट संहारी, आंख तीसरी, दिन सोमवारी, आज का दिवस विशेष है, शिव का ही संदेश है, मरा नहीं था सोया था, पर अब जागा देश है, भारत का अब होगा अखंड, टूटेगा कुछ का घमंड, है सत्य का प्रकोप प्रचंड, सिंहासन बैठे मार्तंड, आज का दिवस है विशेष, शिव का ही संदेश है, मरा नहीं था सोया था अब जागा देश है।

कैलाश खेर की मुख्य बातें
- मैने कभी संगीत सीखा नहीं, कबीर, रैदास, खुसरो की कविता का असर है।
- कविता सुनकर संगीत में रुझान बढ़ने लगा।
- बाजारवाद पूरी दुनिया में बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है
- जब तक मजा आता है तब तक कलाकारों को बाजार में परोसा जाता है
- हर साल 7 जुलाई को नए युवाओं को संगीत की दुनिया में लांच करते हैं
- झारखंड कुबेर की धरती है, परमात्मा, योगी और तपस्वियों की धरती है झारखंड।
- 25 भाषाओं में 1200 फिल्मों के लिए गीत गा चुके हैं।

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