प्रदेश में 800 नवीन जल उपभोक्ता संथायें बनेंगी और उनके चुनाव होंगे

प्रदेश में 800 नवीन जल उपभोक्ता संथायें बनेंगी और उनके चुनाव होंगे

PUBLISHED : Oct 09 , 9:04 PMBookmark and Share



भोपाल।प्रदेश में करीब 800 नवीन जल उपभोक्ता संथायें (वाटर बाडीज) बनेंगी और उनके भी अन्य पहले से विद्यमान संथाओं के साथ चुनाव होंगे। जल संसाधन विभाग ने अपने सभी डिविजनों के कार्यपालन यंत्रियों से कहा है कि वे इन नवीन संथाओं की जानकारी 10 अक्टूबर तक भेजें।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में वृह्द, मध्यम एवं लघु सिंचाई योजनायें बनने के बाद नहरों से पानी लेने एवं नहरों का रखरखाव करने के लिये मप्र सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी अधिनियम 1999 के तहत कुल 2064 जल उपभोक्ता संथायें बनाई गई हैं जो करीब 24 लाख 74 हजार हैक्टेयर सिंचित एवं अधिसूचित क्षेत्र में नहरों का रखरखाव करती हैं। इसके लिये संबंधित क्षेत्र के ऐसे कृषकों जोकि इन नहरों से खेती हेतु पानी लेते हैं, निर्धारित शुल्क भी लिया जाता है। इसके अलावा इन निर्वाचित संथाओं को राज्य सरकार प्रति हैक्टेयर के हिसाब से नहरों के रखरखाव हेतु राशि भी देती प्रदान करती है। चूंकि पिछले तीन चार साल में अनेक नई वृह्द, मध्यम एवं लघु सिंचाई योजनायें पूर्ण हुई हैं तथा नहरों द्वारा सिंचाई के रकबे में करीब 5 लाख 74 हजार हैक्टेयर की भी वृध्दि हुई है, इसलिये इनमें भी जल उपभोक्ता संथायें बनाने का काम प्रारंभ किया गया है। जल संसाधन विभाग के डिविजनल कार्यपालन यंत्रियों से इन नवीन संथाओं के प्रस्ताव आने पर राज्य शासन इन्हें अधिसूचित करेगी और इनके भी आम निर्वाचन पहले से क्रियाशील संथाओं के साथ सम्पन्न होंगे। इस प्रकार प्रदेश में नहरों द्वारा सिंचित अधिसूचित कुल रकबा करीब 30 लाख हैक्टेयर हो जायेगा और जल उपभोक्ता संथाओं की संख्या 2064 से बढक़र 28064 हो जायेगी।
चुनाव की अभी यह है स्थिति :
प्रदेश की 2064 जल उपभोक्ता संथाओं के आम चुनाव गत वर्ष होने थे परन्तु विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के कारण ये हो नहीं पाये और राज्य सरकार को दो बार में चुनाव की अवधि छह-छह माह बढ़ाना पड़ी। वर्तमान में जो दूसरी बार अवधि बढ़ी है वह 3 जनवरी 2020 को खत्म हो रही है तथा इस अवधि के दो माह पहले चुनाव कराये जाने का प्रस्ताव जल संसाधन विभाग से राज्य शासन के पास जायेगा। चूंकि आने वाले समय में नगरीय एवं पंचायत आम चुनाव होने हैं इसलिये पूरी संभावना है कि तीसरी बार जल उपभोक्ता संथाओं  के चुनाव छह माह के लिये बढ़ाये जायें।
विभागीय अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में नहरों द्वारा सिंचाई का रकबा करीब 5 लाख 74 हजार हैक्टयर बढ़ा है तथा इनमें भी करीब 800 नई संथायें बनाई जाना है। इसके लिये प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनके भी चुनाव पहले से विद्यमान संथाओं के साथ होंगे।

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