जब कार्यपालिका विफल हो जाती है, तभी दखल देती है न्यायपालिका : प्रधान न्यायाधीश

जब कार्यपालिका विफल हो जाती है, तभी दखल देती है न्यायपालिका : प्रधान न्यायाधीश

PUBLISHED : Jun 07 , 7:32 AMBookmark and Share



   

न्यायिक हस्तक्षेप के मोदी सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर ने कहा है कि न्यायपालिका तभी हस्तक्षेप करती है जब कार्यपालिका अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल हो जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को आरोप मढ़ने के बजाय अपना काम करना चाहिए और लोग अदालतों में तभी आते हैं जब वे कार्यपालिका से निराश हो जाते हैं।

प्रधान न्यायाधीश ने एक टीवी कार्यक्रम में दिये गये साक्षात्कार में कहा कि अदालतें केवल अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी अदा करती हैं और अगर सरकार अपना काम करेगी तो इसकी जरूरत नहीं होगी।

सरकारी कामकाज में कथित न्यायिक हस्तक्षेप के संबंध में वित्त मंत्री अरुण जेटली के हालिया बयान के बारे में पूछे जाने पर सीजेआई ठाकुर ने कहा कि हम केवल संविधान द्वारा निर्दिष्ट अपने कर्तव्यों को पूरा करते हैं। अगर सरकारें अपना काम बेहतर तरीके से करें तो हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी।

न्यायपालिका में बड़ी संख्या में खाली पड़े पदों के संबंध में न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा कि मैंने कई बार प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है और इस मुद्दे पर केंद्र को एक रिपोर्ट भी भेज रहा हूं।

लाइफ स्टाइल

Covid-19 से बचना है तो धूम्रपान से करें तौबा वरना ...

PUBLISHED : Apr 20 , 10:50 PM

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) लखनऊ की कोरोना टास्क फोर्स के सदस्य डॉ़ सूर्यकान्त ने कहा है कि कोरोनावाय...

View all

साइंस

कोरोना वायरस: Lockdown के कारण लोग घरों में बैठे ह...

PUBLISHED : Apr 20 , 10:54 PM

नई दिल्‍ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण दुनिया भर में लोग लॉकडाउन के कारण अपने घरों में बैठे हैं. इससे वायु प्रदू...

View all

वीडियो

View all

बॉलीवुड

Prev Next